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NEFOMA-Noida Extension Flat Owners & Members Association
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==>     ... (2013-08-21)

 

Meeting on SLP in the Court ==>     Meeting on SLP in the Court... (2013-07-30)

Meeting on SLP in the Court

 

Date : Saturday , 3rd August , 2013 Time : 03.00 PM Place : Star City Mall , Mayur vihar-1

 

Dear Members,

 

NEFOMA had filed a writ petition in the hon’ble Allhahabad High Court to raise the issue of how builders and the authority have neglected the rights of buyers. The writ also objected to cancellation of flats of buyers who had booked their flats before the land controversy in the Noida Extension.

The hon’ble High Court in its order directed the builders and authority to accept the payment of buyers without any discretion therefore directing them to not cancel the flat of buyers arbitrarily. However, the some of the Builders are still not complying with the order of the hon’ble court. The NEFOMA has taken this issue very seriously and we have decided to continue our legal fight. The Association has decided to go ahead with more legal suits against cancellation, contempt of court and fresh writ/SLP in the Court of India.

 

In this regard NEFOMA Organizing a meeting on Saturday ,3rd August '2013 at Star City Mall ,Near Mayur Vihar -1 Extn. Metro Station. at 3.00 PM .

 

So, please share this with all the buyers and make a genuine request to join us in FULL FORCE to support the major step that NEFOMA has under taken.

 

For more details pls contact Dr.Gyanesh Sharma :- 9871190713

other : 9268264764 , 9958082973 , 9716025786 ,9818160148

 

Thanks,

 

NEFOMA ADMIN

 

एक्सटेंशन के भविष्य पर अनिश्चितता अब ==>     एक्सटेंशन के भविष्य पर अनिश्चितता अब ... (2013-07-27)

खरीदारों के मुताबिक प्राधिकरण ने जमीन आवंटन के बदले बिल्डरों से सिर्फ दस फीसदी धनराशि जमा कराई। इतनी धनराशि पर ही आवंटन कर दिया। बिल्डरों ने जमीन आवंटित होते ही प्रोजेक्ट लांच कर दिया। फ्लैट के जरूरतमंदों ने बुकिंग करवा ली। विवाद में फंसने से काम रुक गया। खरीदारों के कुछ भुगतान भी रुक गए। बिल्डर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को किश्त नहीं दे पाए। अब भी किश्तें जमा नहीं हो रहीं। उधर, पैसा न होने से बिल्डर काम नहीं करवा रहे, जिसका खामियाजा फ्लैट खरीदारों को भुगतना पड़ रहा है। उनको समय से फ्लैट नहीं मिल रहे। ऐसे में अगर प्राधिकरण कुछ ऐसी नीति बना दे कि जमीन आवंटन के बाद 60 से 80 फीसदी भुगतान के बाद ही बिल्डर प्रोजेक्ट ला सकेंगे, तो इतना पैसा जमा कराने के बाद बिल्डर की मजबूरी हो जाएगी, कि वह प्रोजेक्ट को पूरा करे। इससे लोगों का पैसा भी नहीं डूबेगा।
नोएडा एक्सटेंशन का मुद्दा पूरी तरह सुलझा तो नहीं है, मगर एक साल पहले की तुलना में आज स्थिति बदली है। कुछ बिल्डर हैं, जो गड़बड़ी कर रहे हैं। उनसे सचेत रहने की जरूरत है।
-अन्नू खान, अध्यक्ष, नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स एसोसिएशन
नोएडा एक्सटेंशन का विवाद भ्रष्टाचार की देन है। प्राधिकरण, बिल्डर और नेताओं की जुगलबंदी ने इस विवाद को जन्म दिया है, जिसके चलते आज लाखों खरीदार परेशान हैं। वो न सिर्फ परेशान हैं, बल्कि कोई सुननेवाला नहीं है।
 
-रवी त्रिवेदी, फ्लैट खरीदार नोएडा एक्सटेंशन

बड़े बिल्डर प्राधिकरण से भूखंड लेकर खुद फ्लैट बनाने के बजाय छोटे बिल्डरों को बेच रहे हैं। वह खरीदारों से वादाखिलाफी कर रहे हैं। छोटे बिल्डरों के निर्माण की गुणवत्ता पर कैसे भरोसा किया जाए। इस पर रोक लगनी चाहिए।

- ज्ञानेश शर्मा, फ्लैट खरीदार, नोएडा एक्सटेंशन
 
रोटी, कपड़ा और मकान का कॉन्सेप्ट बहुत पुराना है। नोएडा एक्सटेंशन की नींव भी इसी सोशल कॉन्सेप्ट पर रखी गई, मगर अब बिल्डरों ने इसे कुछ और ही बना दिया है।
- देवेंद्र कुमार, चेयरमैन, नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। लगभग दो वर्ष पहले नोएडा एक्सटेंशन में अधिग्रहण रद्द हुआ था तब से इसकी राह में रोड़े पड़े हैं, समाधान की दिशा में कुछ ठोस नहीं हुआ। संवाद में खरीदारों की तरफ से पहला मुद्दा फ्लैटों के कब्जे का उठा। खरीदारों के अनुसार बिल्डरों ने पहले अप्रैल 2013 में फ्लैट का कब्जा देने की बात कही। यह तिथि निकल चुकी हैै। 21 अक्तूबर 2011 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद ऐसा लगा कि अब खरीदारों को जल्द उनके फ्लैट मिल जाएंगे। बिल्डरों ने 2015 तक कब्जा देने का वादा कर लिया, जबकि अभी तक निर्माण भी शुरू नहीं हुआ है। ऐेसे में 2015 में कब्जा मिलना असंभव लग रहा है। कुछ बिल्डर अब 2017 में कब्जा देने की बात करने लगे हैं।
दूसरा मुद्दा किसी न किसी बहाने फ्लैटों का आवंटन रद्द करने का है। खरीदारों की मानें तो अब तक 20 से 25 फीसदी फ्लैटों का आवंटन रद्द किया जा चुका है। कभी समय से किश्त न जाने तो कभी ब्याज को लेकर ये आवंटन रद्द हो रहे हैं। तीसरा मुद्दा फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने से सुविधाओं में कमी होने का है। खरीदारों के मुताबिक बिल्डर भले ही पुराने टावर में बढ़े एफएआर यूज न करने की बात करें, वे फ्लैटों की मंजिल बढ़ाकर बेच रहे हैं, जिसके चलते उनकी सुविधाओं में कटौती तो होगी।
नोएडा (ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने प्राधिकरण को निर्देश दिया था कि किसानों से समझौता कर जमीन ले सकते हैं। इसके एवज में 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और दस फीसदी आवासीय भूखंड भी देने को कहा था। अदालत की शरण लेने वाले किसानों के लिए प्राधिकरण ने समझौते की राह तो खोली, मगर दस फीसदी आवासीय भूखंड देने की पॉलिसी न होने की बात कहकर कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी थी। जिन किसानों ने बढ़ा हुआ मुआवजा पाकर समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर दिया था, प्राधिकरण ने उनके पत्र भी लगा दिए।
प्राधिकरण ने कोर्ट में मुआवजा लेने के बाद भी जमीन न छोड़ने का किसानों पर आरोप लगाया। हाईकोर्ट ने तो उनकी बात नहीं सुनी, मगर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए किसानों को नोटिस जारी कर दिया। हाईकोर्ट के निर्णय से गदगद किसान भी मामला पलटता देख सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। एक दो नहीं, बल्कि एक्सटेंशन के अधिकतर किसानों की रिट सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अब किसान अपनी जमीन वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। कोर्ट का निर्णय कुछ भी हो सकता है। ऐसे में नोएडा एक्सटेंशन का भविष्य अब अनिश्चित है।
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन के वर्तमान और भविष्य की स्थिति जानने के लिए फ्लैट खरीदारों ने सूचना के अधिकार को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया, मगर वह भी विफल ही रहा।
खरीदारों के मुताबिक नोएडा एक्सटेंशन के विभिन्न मुद्दों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में दर्जनों आरटीआई डाली गईं, मगर किसी भी आरटीआई का सही जवाब नहीं मिला। जवाब में या तो गोपनीय जानकारी होने की बात कही गई, या फिर किसी दूसरे विभाग से संबंधित होने की बात कहकर जानकारी देने से मना कर दिया गया। न सिर्फ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, बल्कि बिल्डरों ने भी यही तरीका अपनाया। एक्सटेंशन के बारे में सही जानकारी कभी नहीं दी गई। इतना ही नहीं जब खरीदार अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास जाते हैं तो भी उन्हें दुत्कार ही मिलती है। प्रशासन भी सुनने को तैयार नहीं होता है और कह देता है कि यह मामला तो प्राधिकरण का है।
किसानों के मुद्दे
पहला
दस फीसदी आवासीय भूखंड न मिलने का है।
स्पष्ट है कि खरीदारों और किसानों के मुद्दे बिल्कुल अलग हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनको पूरा हक नहीं मिल जाता तब तक काम नहीं होने देंगे। दूसरी ओर खरीदार काम पूरा कर जल्द कब्जा चाहते हैं। इन विरोधाभासी मुद्दों के बीच जहां किसान खरीदारों का पूरा साथ देने को तैयार हैं, वहीं खरीदार किसानों को उनका हक दिलाने के लिए उनके साथ कदमताल करने को तैयार हो गए। किसान खरीदारों को जल्द कब्जा देने, फ्लैट आवंटन रद्द करने से रोकने व गलत ब्याज वसूलने के विरोध में साथ आने की बात कही।
खरीदारों को नहीं िमला जीरो पीरियड का लाभ
कोर्ट के आदेश पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने विवादित पीरियड को जीरो घोषित करते हुए उस पर बिल्डरों को ब्याज माफी दे दी, मगर बिल्डरों ने खरीदारों को नहीं बख्शा और फ्लैट की किश्तों में ब्याज जोड़कर लिया जा रहा है। भुगतान में देरी होने पर खरीदारों से 24 फीसदी ब्याज अलग से लिया जा रहा है। खरीदारों ने पूछा कि बिल्डर से 15 फीसदी ब्याज ही लेता है।
किसानों और खरीदारों ने एक सुर में रीयल एस्टेट रेगुलेटरी और भूमि अधिग्रहण बिल से बहुत उम्मीद न होने की बात कही। किसानों का आरोप है कि अधिग्रहण विधेयक बिल्डर लॉबी को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। किसानों की पेंशन की सुविधा हटाने, पांच साल तक निर्माण न करने पर जमीन जब्त करने जैसे कई प्रावधान इसी ओर इशारा करते हैं। खरीदार बिल्डरों के हावी होने का आरोप लगा रहे हैं।
नए विधेयकों से आस कम
दूसरा
पूर्णरूप से 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजे का है।
गोपनीय सूचना की बात कहकर टाल दिया जाता है
पुलिस के पास जाने पर भी दुत्कार ही मिलती है
तीसरा
आबादी का लाभ नहीं मिला, प्राधिकरण ने अधिग्रहीत कर लिया।
छोटे बिल्डरों को भूखंड बेचना खतरनाक
बड़े बिल्डरों ने प्राधिकरण से भूखंड खरीदा। अब वे खुद से बनाने के बजाय छोटे बिल्डरों को प्लॉट बेच रहे हैं। ऐसा कई बिल्डर कर भी चुके हैं। इसे रोका जाना चाहिए। उनके निर्माण की गुणवत्ता पर भरोसा नहीं किया जा सकता। खरीदारों ने बड़े बिल्डर के नाम पर फ्लैट बुक कराया था। अब कोई और उसे बनवा रहा है।
चौथा
किसान परिवारों को शिक्षा, रोजगार न मिल पाना है।

एक्सटेंशन विवाद में कब क्या हुआ

खरीदारों की सुननेवाला कोई नहीं
संवाद में एक बात और सामने आई कि एक्सटेंशन विवाद में फंसे खरीदारों को अपना पक्ष रखने के लिए कोई प्लेटफॉर्म नहीं है। उनका कहना है कि बिल्डर के पास जाने पर गेट पर घुसते ही बॉडीगार्ड रोक देते हैं। अंदर नहीं जाने देते। अगर किसी तरह से चले भी गए तो कोई जवाब नहीं मिलता। प्राधिकरण के पास जाओ तो वे बिल्डर की बात ही दोहरा देता है। जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन कोई लाभ नहीं मिला।
2007 से 2008 तक नोएडा एक्सटेंशन की जमीन ली गई।
2009 से 2010 के बीच बिल्डरों को जमीन मिली और लांच हुए प्रोजेक्ट
जनवरी 2011 को पतवाड़ी के किसानों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की याचिका।
12 मई 2011 को हाईकोर्ट ने पतवाड़ी का किया जमीन अधिग्रहण रद्द। प्राधिकरण को दिया आदेश कि किसानों से बनाएं सहमति।
छह जुलाई 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने शाहबेरी का अधिग्रहण रद्द किया।
चार अगस्त 2011 को प्राधिकरण ने किसानों से किया समझौते का प्रयास।
मार्केट रेट पर जमीन बेचने की मांग को लेकर सितंबर 2011 में 491 किसानों ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका।
21 अक्तूबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन समेत 39 गांवों का किया फैसला। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान मंजूर कराने का दिया आदेश।
29 जून 2012 को प्राधिकरण ने एनसीआरपीबी को सौंपा मास्टर प्लान।
24 अगस्त 2012 को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने ग्रेनो मास्टर प्लान 2021 को दी मंजूरी।
26 अगस्त 2012 को बिल्डरों को जारी किए गए नोटिस, कहा बकाया राशि तीन माह के अंदर जमा करें।
26 नवंबर 2012 तक बिल्डरों ने प्राधिकरण के खाते में जमा किए 150 करोड़ रुपये।
जनवरी 2013 में ग्रेनो प्राधिकरण ने 2.75 से बढ़ाकर 3.5 एफएआर किया।
फरवरी 2013 मेें प्राधिकरण ने बिल्डरों से नक्शा पास कराने को कहा।
 
मेट्रो का सब्जबाग
 
नोएडा से ग्रेटर नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मेट्रो के जरिये जोड़ने की घोषणा को खरीदार और किसान सिर्फ सब्जबाग मानते हैं। उनका कहना है कि ये सिर्फ जमीन का दाम बढ़ाने और प्रॉपर्टी बेचने के लिए प्राधिकरण और बिल्डरों की जुगलबंदी से छोड़ा गया शिगूफा भर है। 2017 में मेट्रो नहीं आने वाली है। लोगों का कहना है कि अगर अगले दस वर्षों में भी मेट्रो आ जाए तो बड़ी बात होगी।
दर्द आपको भी है, मगर हमारा दर्द बड़ा है
संवाद के दौरान खरीदारों ने अपनी पीड़ा रखी। इस पर किसानों ने स्पष्ट कहा कि दर्द तो आपका भी है, मगर दर्द हमारा ज्यादा है। आपकी अपनी कमाई ही दांव पर लगी है, मगर हमारी तो जमीन ही चली गई। आने वाली पीढ़ी के भविष्य का संकट हो गया है। जिन लोगों ने हमारी जमीन ली है, उन्होंने हमारे बच्चों की शिक्षा और रोजगार का भी विकल्प नहीं छोड़ा।

नई दिल्‍ली। रविवार । 28 जुलाई 2013
किसानों ने प्रमुखता से रखी अपनी बात
किसानों के अदालत जाने का कारण सरकारी तंत्र ही है। अगर किसानों का हक उन्हें उसी समय दे दिया गया होता, तो आज एक्सटेंशन विवाद न होता। खरीदारों को उनके फ्लैट मिल गए होते।
- मनवीर भाटी, प्रवक्ता किसान संघर्ष समिति, ग्रेटर नोएडा
नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नींव औद्योगिक विकास के लिए रखी गई। जमीन का अधिग्रहण इसी के लिए हुआ। इससे किसानों के बच्चों को भी रोजगार मिलता, मगर ऐसा नहीं हुआ। एक्सटेंशन विवाद भी इसी से जन्मा है।
- महेश अवाना, प्रवक्ता किसान संघर्ष समिति, नोएडा
मेट्रो परियोजना प्राधिकरण और बिल्डरों के लिए सिर्फ प्लॉट और फ्लैट बेचने का एक जरिया भर है। असलियत में यहां मेट्रो अभी दूर की कौड़ी है। जब एक्सटेंशन में लोगों की बसावट हो जाएगी, भीड़ बढ़ जाएगी तभी यहां मेट्रो के दौड़ने की संभावना है।
- धनपाल सूबेदार, किसान
खरीदारों और बिल्डरों के बीच कोई रेगुलेशन अथॉरिटी नहीं है। इसकी वजह से परेशानी हो रही है। प्राधिकरण की भूमिका भी सिर्फ बिचौलिये की सहूलियत के लिए होकर रह गई है। इसके समाधान के लिए प्राधिकरण को निष्पक्ष रुख अपनाना होगा।
- हरेंद्र खारी, किसान
नोएडा एक्सटेंशन के किसानों और खरीदारों का दर्द एक जैसा है। अगर मिलकर लड़ाई लड़ें तो कामयाबी निश्चत है। दोनों को मिलकर एक साथ बिल्डर साइट पर आंदोलन करना चाहिए। क्योंकि दोनों ही बिल्डरों से प्रभावित हैं।
- डॉ. रूपेश वर्मा, जमीन अधिग्रहण प्रतिरोध आंदोलन के प्रवक्ता
प्राधिकरण ने किसानों की वह जमीन भी अधिग्रहीत कर ली, जिसे वे नहीं बेचना चाहते थे। जिस जमीन पर वर्षों से घर बनाकर रहते थे अचानक सुबह पता चला कि प्राधिकरण ने उसे अधिग्रहीत कर ली। इससे बवाल तो होगा ही। हमें हमारा हक चाहिए।
- विनोद प्रधान, किसान
किसानों से कौड़ियों के भाव जमीन लेकर सात लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर में प्राधिकरण ने बिल्डरों को बेचा है। फिर भी किसानों के बच्चों के लिए न तो शिक्षा का इंतजाम किया, न ही रोजगार का और न ही इलाज की ही कोई व्यवस्‍था की। यह कतई न्यायसंगत नहीं है।

- लीले प्रधान, किसान

 

Homebuyers in Noida move Allahabad HC  ==>     Homebuyers in Noida move Allahabad HC ... (2013-05-28)

The NEFOMA has filed a writ petition in the Honble Allahabad High Court seeking stay on the cancellation of flats by Builders such as the Amrapali , Supertech , Panchsheel ,Earth ,Exotica ,Arihant Arden , Radicon Infrastructure and Housing (P) Ltd.( Vedantam ) just to name a few. The writ has been filed in the honble court not only against the Builders and Builders Association CREDAI but also the Greater Noida Authority for there indifferent attitude towards arbitrary cancellation of flats and non-legal contractual practices done by the Builders towards innocent buyers who has put their hard earnings to buy their dream home.
Buyers totally relied on the Greater Noida Authority land allotment process and CREDAI that builders are selling flats legally and as per the reasonable contractual liabilities. The main purpose of the Contract Law is to have equality between contractual parties without giving undue advantage to any one party. On the other hand, builders used contractual laws to serve their own purposes and ignored the fundamental rights of the buyers entirely.

Buyers booked their flats at a time when there was no land acquisition controversy (and if, it was there, no body i.e.Greater Noida Authority, Builder, Agents informed to the Buyers). They paid the booking amount of their flats as per the rates fixed by the builders themselves when they started their projects which was escalation free as per the Builder Buyer agreement. During the Land Acquisition controversy buyers were concerned about their respective
flats/projects. However, builders assured that this controversy is between authority and farmers. Builders are not involved and very soon Authority will resolve the matter as most of the land has been developed and so many buyers have already invested their money. Buyers were convinced by their words and decided to show their faith with the builders.

But after clearance of land controversy and NCRPB Approvals mandate by Honble Allahabad High Court in his verdict dated 21.10.2011, the Builders became greedy and broke all the promises done before. They increased the previous rates arbitrarily and started cancelling flats without any substantial reason. However, Builder/ CREDAI promised that none of the flat will get canceled of all those buyers who has booked there flat before controversy.

In addition to cancellation, builders are forcing existing buyers to sign an addendum in case the builders have to pay compensation to farmers in future after the land acquisition controversy at Noida Extension. The Builders are completely getting away with their liabilities towards buyers as well as farmers. They want buyersto pay compensation to farmers indirectly which is supposed to pay by the builders/authority as per honble
Allahabad High Court order.

The builders are cancelling the flats on unreasonable stating Service tax not deposited, booking amount paid was less than 10%, non-acceptance of offer to shift in other project within given time, non-payment of the amount for the increase in arbitrarily booked rate from 300 to 1000/- per sq. ft.,non-payment of interest for disputed period which was declared zero period by the Greater Noida Authority.

The NEFOMA believes that these are unethical business practices which are only increasing the liabilities of buyers for all financial expenses which the Builders and The Greater Noida Authority should pay as buyers were not involved and responsible for the unethical land acquisition done by Greater Noida Authority and as per builders they were selling flats legally and as per the reasonable contractual liabilities Hence, this writ petition seeks to stop cancellation, non-legal contractual practices and one-sided legal obligation which are being used by builders to exploit innocent flat owners who invested in various housing projects without knowing of any land controversy at Noida Extension.

The present matter filed by the nefoma has listed today before Honble High Court and Honble high court was pleased to refer the matter before proper bench and matter got adjourned for 1st july 2013. The respondent no. 1 and 2 has also appeared before the court . ( U.P.Govt. and GNIDA )

The NEFOMA will keep on fighting for the rights of buyers who spend their hard-earned money and dream of a home.

 

 	 NEFOMA threatens stir against cancellation of flats ==>      NEFOMA threatens stir against cancellation of flats ... (2012-12-02)

http://www.business-standard.com/generalnews/news/nefoma-threatens-stir-against-cancellationflats/86872/

 

 	 NEFOMA threatens stir against cancellation of flats ==>      NEFOMA threatens stir against cancellation of flats ... (2012-12-02)

Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) today threatened to launch agitation against a private developer to protest against its alleged decision to cancel flat allocations of some owners.

NEFOMA representatives today m

et the affected families whose flat allocations were cancelled by the builder, and assured them to fight for their cause.

"We are planning protest at builders site from December 10 if they do not call back the cancellation letters," said NEFOMA member Anu Khan.Khan said the city magistrate has ordered to issue notice to the builder seeking status of all cancellations with proof, and also asked the company management to meet him on December 6.

 

Noida Extension homebuyers meet Ajay Maken ==>     Noida Extension homebuyers meet Ajay Maken... (2012-11-22)

TNN | Nov 22, 2012, 02.34 AM IST

GREATER NOIDA: Flat owners in Noida Extension on Wednesday met housing and urban poverty alleviation minister Ajay Maken for resolution of their issues regarding cancellation of flat allotments by builders. Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) said that thousands of flat buyers are in dilemma becau

se of cancellation of allotments.

"Builders are continuously cancelling allotments. They are trying to make more profits by cancelling the bookings of buyers on the pretext of not being paid an amount of 10 per cent of BSP (Basic Sale Price) or not sign addendum by buyers or not being paid an interest," NEFOMA representative Annu Khan said. "We have requested the Minister to help these investors by issuing directions to builders," Khan said.

 

ग्रेनो वेस्ट के निवेशक केंद्रीय मंत् ==>     ग्रेनो वेस्ट के निवेशक केंद्रीय मंत्... (2012-11-22)

ग्रेनो वेस्ट के निवेशक केंद्रीय मंत्री से मिले
Nov 21, 06:09 pm
बताएं
संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवेशकों ने बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ केंद्रीय मंत्री अजय माकन से गुहार लगाई है। बुधवार को नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर एंड मेंबर एसोसिएशन नेफोमा के नेतृत्व में निवेशकों ने दिल्ली जाकर केंद्रीय आवास व्यवस्था एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री अजय माकन से मिले।
निवेशकों ने केंद्रीय मंत्री से श

िकायत की कि कुछ बिल्डर उनके फ्लैट रद कर रहे हैं। इतना ही नहीं, फ्लैट रद करने से पहले जारी नोटिस का सबूत मांगने पर देने से इन्कार कर रहे हैं। कुछ लोगों का फ्लैट सर्विस टैक्स की वजह से भी रद किया गया है। बहुत सारे ऐसे भी लोग हैं, जिनसे भारी भरकम ब्याज की मांग की जा रही है, जबकि उससे पहले तक बिल्डरों ने कोई डिमांड नहीं भेजी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पतवाड़ी और साबेरी गांव का जमीन अधिग्रहण रद होने के बाद बिल्डर ने वादा किया था कि वे सभी प्रभावित फ्लैट निवेशकों को बिना बिके हुए फ्लैटों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। आज सबसे ज्यादा इन्हीं लोगों के फ्लैट रद किए जा रहे हैं। बिल्डरों द्वारा बार-बार फ्लैट बुकिंग रद करने का नोटिस दिया जा रहा है। नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस मुद्दे पर वे पूरी तरह निवेशक के साथ हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस मामले में पत्र भेज कर उनकी शिकायत से अवगत कराएंगे।

 

बिल्डर की मेंबरशिप कैंसल करने की मांग ==>     बिल्डर की मेंबरशिप कैंसल करने की मांग... (2012-11-02)

एनबीटी न्यूज ॥ ग्रेटर नोएडा : नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर्स एंड वेलफेयर असोसिएशन (नेफोमा) के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मीटिंग कर क्रेडाई से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक बिल्डर की सदस्यता निरस्त करने की मांग की। पदाधिकारियों का आरोप है कि बिल्डर ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए पुराने निवेशकों का फ्लैट कैंसल कर रहा है। नेफोमा के फाउंडर चेयरमैन देवेंद्र कुमार ने बताया कि

बिल्डर मनमानी कर रहा है। जिन निवेशकों ने बेसिक सेल प्राइस का दस पर्सेंट जमा कराया, उनके फ्लैट कैंसल किए जा रहे हैं। दरअसल, जिस समय पुराने निवेशकों ने फ्लैट की बुकिंग कराई थी, उस समय रेट आधे थे। अब रेट डबल हो गए हैं। बिल्डर नई बुकिंग कर अधिक से अधिक मुनाफा कमाना चाहता है, इसलिए वह मनमाने तरीके से पुराने निवेशकों की बुकिंग कैंसल कर रहा है। पदाधिकारियों ने कन्फेडेरेशन ऑफ रियल स्टेट डिवेलपर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) से बिल्डर की मेंबरशिप समाप्त करने की मांग की है। इस मामले में क्रेडाई के प्रेजिडेंट को पत्र लिखा गया है।
source : NBT

 

बिल्डर की मेंबरशिप कैंसल करने की मांग ==>     बिल्डर की मेंबरशिप कैंसल करने की मांग... (2012-11-02)

एनबीटी न्यूज ॥ ग्रेटर नोएडा : नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर्स एंड वेलफेयर असोसिएशन (नेफोमा) के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मीटिंग कर क्रेडाई से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक बिल्डर की सदस्यता निरस्त करने की मांग की। पदाधिकारियों का आरोप है कि बिल्डर ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए पुराने निवेशकों का फ्लैट कैंसल कर रहा है। नेफोमा के फाउंडर चेयरमैन देवेंद्र कुमार ने बताया कि

बिल्डर मनमानी कर रहा है। जिन निवेशकों ने बेसिक सेल प्राइस का दस पर्सेंट जमा कराया, उनके फ्लैट कैंसल किए जा रहे हैं। दरअसल, जिस समय पुराने निवेशकों ने फ्लैट की बुकिंग कराई थी, उस समय रेट आधे थे। अब रेट डबल हो गए हैं। बिल्डर नई बुकिंग कर अधिक से अधिक मुनाफा कमाना चाहता है, इसलिए वह मनमाने तरीके से पुराने निवेशकों की बुकिंग कैंसल कर रहा है। पदाधिकारियों ने कन्फेडेरेशन ऑफ रियल स्टेट डिवेलपर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) से बिल्डर की मेंबरशिप समाप्त करने की मांग की है। इस मामले में क्रेडाई के प्रेजिडेंट को पत्र लिखा गया है।
source : NBT

 

Press Release -20.09.2012 ==>     Press Release -20.09.2012... (2012-09-20)

As you know that builders are continuously sending the cancellation letter to their buyers which is ridiculous even though the banks has not started to approve the new loans as well as to disburse the next amount of the loan. Builders have started playing a new game they are sending the demand/cancellation letters to the buyer.
In this regard NEFOMA are going to organize a Protest against

 

CREDAI .

AT

CREDAI INDIA,
National Secretariat
703, Ansal Bhawan,
16, Kasturba Gandhi Marg,
New Delhi-110 001.

on 21st September '2012 ,Friday at 11.00 AM.

 

 

 


We, Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) are working for the rights of all Noida Extension flat buyers. Some of our demands are :

 

1. Don’t raise demand letters until projects are bankable.


Buyers are suffering from last two year with mantel tension, paying EMI to the bank, paying rent and other expenses they are already in huge financial losses, further till the banks not start funding/ Home loan in this area (Noida Extension) till than no demand raise by builder because 90% buyers are depend on Banks Loan.

 

2. No cancellation letter to Existing buyers .

 

Companies like the Supertech Limited, Gaur Sons,Palm Olympia (Sam India Abhimanyu Housing ) and Earth Infrastructure Limitedare trying to make more profits by canceling the booking of existence buyers on the pretext of not being paid an amount of 10 per cent of BSP (Basic Sale Price).We would like to your notice at that time before land low started due to market competition some of the builders received only token amount to grab the booking, now they are also canceling booking by showing 10% less, NEFOMA requested if 10 % booking amount is compulsory, than why they received such amount in the name of “BOOKING”. Hundreds of buyers are complaining that they were not given any prior notice and the cancellation of their flats was done by the builders arbitrarily to earn profits on enhance prices of flats in the area now.


3. No Interest of this delayed period


Appeal to all builders not to charge any interest to buyers for this period on delayed payment. Some of the builders are threatening, that they will convert Flexi plan into CLP plan if flat buyers not pay the amount immediately.

4. FAR Increase Impact


Explanation from builders, how will they use this increase in FAR (new towers or extra floors on towers).Before any change inform to buyers

5. Shahberi village Flat Shifting


Shifting of Shahberi village projects to undisputed area should be on same rate .

On the above point NEFOMA on behalf of Noida Extension Flat Owners request to CREDAI INDIA  to look into this matter very seriously at this time.

 

 

Regards.

On behalf of Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA)

Rashmi Pandey ( 9873939572 )

Gen. Secretary

Date: 20th September, 2012

 

 

 

testing ==>     testing... (2012-09-07)

fffff

 

New Team of NEFOMA ==>     New Team of NEFOMA... (2012-07-22)

We Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) had a Meeting at our Office in C-66, Ist Floor, Sector-9, Noida-201301, Uttar Pradesh, India

We are excited to announce the addition of the new member to the NEFOMA Executive Body.The new executive body of NEFOMA are :-

1. Annu Khan ( President )

2. Sanjay Nainwal ( Vice President )

3. Rajan Mishra (General Secretary )

4. Ms.Madhu Diwedi ( Secretary )

5. Mr.Vivek Chadda

We all know that Noida Extension buyers belong to middle class family.From last one year we are having sleepless nights and are facing mental, physical and financial torture without any fault. Some of such buyers came in contact with NEFOMA from last few months who have very low paid salary and paying rent as well as EMI in hope of getting their homes soon.They expressed their heart touching situation and became very emotional while sharing builders related problems with NEFOMA. In this regards we have form our legal department.

The following four people are elected as new members of the Legal Team of NEFOMA

1. Mr.Manoj Kumar

LLB.MBA,FCS

Advocate & Legal Consultant

Supreme Court of India

2. Mr.Sanjeev Srivastava

Advocate

Supreme Court of India & Delhi High Court

3. Mr.Abhishek

Advocate

Delhi High Court

4. Mr.Ravi Kumar

Advocate

Member Delhi Bar Council

Thanks &

Regards.

On behalf of Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA)

Mr.Vijay Trivedi ( 9958082973 )

Dy. Chairman

Date:22nd July-2012

 

NEW Team of NEFOMA ==>     NEW Team of NEFOMA... (2012-07-22)

We Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) had a Meeting at our Office in C-66, Ist Floor, Sector-9, Noida-201301, Uttar Pradesh, India

We are excited to announce the addition of the new member to the NEFOMA Executive Body.The new executive body of NEFOMA are :-

1. Annu Khan ( President )

2. Sanjay Nainwal ( Vice President )

3. Rajan Mishra (General Secretary )

4. Ms.Madhu Diwedi ( Secretary )

5. Mr.Vivek Chadda

We all know that Noida Extension buyers belong to middle class family.From last one year we are having sleepless nights and are facing mental, physical and financial torture without any fault. Some of such buyers came in contact with NEFOMA from last few months who have very low paid salary and paying rent as well as EMI in hope of getting their homes soon.They expressed their heart touching situation and became very emotional while sharing builders related problems with NEFOMA. In this regards we have form our legal department.

The following four people are elected as new members of the Legal Team of NEFOMA

1. Mr.Manoj Kumar

LLB.MBA,FCS

Advocate & Legal Consultant

Supreme Court of India

2. Mr.Sanjeev Srivastava

Advocate

Supreme Court of India & Delhi High Court

3. Mr.Abhishek

Advocate

Delhi High Court

4. Mr.Ravi Kumar

Advocate

Member Delhi Bar Council

Thanks &

Regards.

On behalf of Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA)

Mr.Vijay Trivedi ( 9958082973 )

Dy. Chairman

Date:22nd July-2012

 

New buyers of Greater Noida flats will have to pay extra ! ==>     New buyers of Greater Noida flats will have to pay extra !... (2012-07-06)

The approval of the Greater Noida master plan by the statuary body of NCR Planning Board is all set to propel the real estate prices in the region amid indications from developers that they would go for a price revision once the draft gets the final nod from the board.

While prices of existing flat owners waiting for possession of property may not change, new buyers may have to shell out not less than 15% extra. The revision, a developer said, was necessitated by three reasons. First, the region faced a sharp slump in demand for housing by an estimated 30% compared to what was in 2010-11. This was essentially accentuated not only by the litigation (In October 2010, Allahabad high court had stopped construction in areas for which the plan had not been approved by the board) but also recession in the housing industry and the rising material cost. Now, with the draft plan all set to get a final nod, it's time for developers to cover some lost grounds.

Another reason for price increase is a huge sum that the developers have to pay to land owners as per the Allahabad high court order. There are a number of housing projects which would come up only after compensation is being paid. According to government sources, the compensation in the region will escalate by more than 60% percent. Obviously that would also contribute to the price revision,'' said an official.

Finally, the NCRPB statuary committee move to place in the rider of 16% green belt and construction of 20 to 25% of the houses for the economically weaker section (EWS), may also contribute its bit to the price revision on the higher side as builders may pass the burden on to the buyers. There have been a tendency of builders to recover the cost of land allotted to green belt and EWS from the middle or the higher class buyers,'' said a government official in the housing department.

Developers, however, insist of taking extreme caution in deciding price revision. Vice-president of confederation of real estate developers association of India (CREDAI), Anil Sharma said that there was a consensus among the builders about not revising prices of the existing flat owners waiting for possession. Yes, but there could be some revision for the new buyers. But that is only after the board gives the final approval to the master plan,'' he told TOI on Friday. Sharma said that the price revision may not be arbitrary as it may seem. If someone seeks to escalate the price by say 50%, it would make the project unviable. No one will come to buy the house,'' he said.

President of Noida Extension Flat Owners Association, Abhishek Kumar said that the builders should not play a spoilsport after commendable efforts made by the UP government and the Centre. As many as 1.5 lakh families are waiting to get their house in the region. We hope that it will be a smooth sail from here on,'' Kumar said.

 

तेज होगी Builders से वसूली ==>     तेज होगी Builders से वसूली... (2012-07-04)

तेज होगी बिल्डराें से वसूली
मास्टर प्लान पास होने के बाद बोर्ड बैठक में आएगा प्रस्ताव

ग्रेटर नोएडा। एक्सटेंशन क्षेत्र के बिल्डरों से प्राधिकरण बकाया राशि की जल्द वसूली की कोशिश में है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान पास होने के बाद बिल्डरों को एकमुश्त मोटी रकम के भुगतान के लिए तैयार रहने की सूचना संबंधी पत्र तैयार हो गए हैं। साथ ही बिल्डरों का पेमेंट प्लान भी दस साल के बजाय कम अर्से का किया जाएगा।

इन पत्रों में बिल्डरों से कहा जाएगा कि मास्टर प्लान मंजूर होने की प्रक्रिया में है। प्राधिकरण को जमीन के बदले काफी लंबे अर्से से किस्तों का भुगतान नहीं किया गया है। लिहाजा इसके लिए एकमुश्त रकम का इंतजाम करना शुरू कर दिया जाए। मास्टर प्लान पास होने के बाद प्राधिकरण की प्राथमिकता किसानों की समस्याओं के समाधान की होगी। इसके लिए मोटी रकम की जरूरत होगी। इस रकम का इंतजाम तो बिल्डरों से ही किया जाना है।
बताया जाता है कि प्राधिकरण ने बिल्डरों से मौखिक भी कह दिया है कि जिस वक्त प्लाट आवंटित हुआ था तो पेमेंट प्लान दस साल का था। इसे भी बोर्ड बैठक में कम किया जाएगा। इस को घटाकर तीन से पांच साल करने की संभावना है। उधर, सूत्रों का कहना है कि बिल्डरों ने भी फ्लैट खरीददारों को सूचना भिजवानी शुरू कर दी है कि एक्सटेंशन मसले का समाधान बस होने ही वाला है। इसके बाद उन्हें प्राधिकरण को बकाया का भुगतान करना है। लिहाजा वह तैयार रहें। ब्यूरो
•प्राधिकरण की चिट्ठी भी तैयार
•बिल्डर भी भिजवा रहे खरीदारों को भुगतान की सूचना

 

Panel to decide relief for builders ==>     Panel to decide relief for builders... (2012-07-04)

GREATER NOIDA: The Greater Noida Authority has decided to offer some relief to developers with upcoming housing projects in the region. Authority officials said that a committee has been formed to finalize the relief in terms of decreasing the interest rates or starting the payment of instalments from now for all projects that have remained stalled due to the land row and long legal battle.

It has not been decided whether this relief will be extended to the homebuyers or not.

Greater Noida DCEO, Chandrakant Pandey, said that the Authority had received an application from the developers seeking the relief. Considering the gravity of the issue, the Authority has formed a committee to decide the best relief that can be given to developers.

The developers, on their part, said that for the last one year construction work has been halted. Input costs like labour, rent of machines, cement and steel rates have gone up.

Amidst such circumstances, it has become unviable to continue the projects with all the losses at a time when there is no source of income from Noida Extension.

Builders in Noida Extension had claimed to put no burden on existing homebuyers even if they were forced to pay more to Greater Noida Authority as part of extra compensation to villagers. Builders said they would absorb all losses. However, they also added that homes in Noida Extension would become dearer to customers who book flats in fresh projects.

Supertech group director, Mohit Arora, said, "Even though an additional burden has been put on developers, we are still committed to provide affordable housing to our existing homebuyers. We welcome the Authority's decision to render some relief to those builders whose projects have been stalled completely from the last seven months. We will share the relief with the existing homebuyers."

"Charging additional cost from existing homebuyers in Noida Extension is absolutely unethical and this practice will not be appreciated. We will render relief to even those existing homebuyers who have defaulted in payments," said Amrapali group CMD, Anil Sharma.

 

खत्म होगा एक्सटेंशन का टेंशन ! ==>     खत्म होगा एक्सटेंशन का टेंशन !... (2012-07-03)

प्लानिंग कमेटी ने मास्टर प्लान-2021 को दी मंजूरी


नई दिल्ली। नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट बुक कराने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। मास्टर प्लान 2021 को प्लानिंग कमेटी ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए इंडिया हैबिटेट सेंटर में चार घंटे की मैराथन बैठक हुई। कमेटी ने अपनी सिफारिशों को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के लिए भेज दिया है।
बोर्ड में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा तथा राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के साथ विचार-विमर्श के साथ प्लान को मंजूरी दे दी जाएगी। अब यह प्रस्ताव प्लानिंग बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। संभावना है कि 15 जुलाई के आसपास बैठक हो सकती है। 21 अक्टूबर, 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी लेनी होगी और मास्टर प्लान 2021 के तहत ही ग्रेटर नोएडा में कोई निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। कोर्ट के फैसले के बाद से ही लोगों की निगाहें प्लानिंग बोर्ड पर टिकी हुई थीं। अमर उजाला 26 जून के संस्करण में 28 जून को प्लानिंग कमेटी होनी बैठक में मास्टर प्लान-2021 की संस्तुति मिलना लगभग तय है, पहले ही छाप चुका है। बैठक में उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव आवास की मौजूदगी में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ द्वारा पेश किए गए मास्टर प्लान-2021 को संस्तुति दे दी। इससे पूर्व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मास्टर प्लान-2021 को प्लानिंग कमेटी के समक्ष चार बार प्रस्तुत कर चुका है लेकिन कुछ खामियां होने के कारण संस्तुति नहीं मिल सकी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की मैम्बर सेक्रेटरी जैसीलन ने बताया कि मास्टर प्लान-2021 में 16 प्रतिशत हरियाली के लिए रिजर्व रखा गया है।

कमेटी ने शर्त रखी है कि एक्सटेंशन में रहने वाले लोगों के लिए पानी की सप्लाई, सीवेज, ड्रेनेट, बिजली, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट का इंतजाम होना चाहिए।
एक्सटेंशन का 16 फीसदी हरा भरा क्षेत्र होना चाहिए। भविष्य में किसी भी सूरत में इसे न हटाया जाए।
सेक्टरों के लेआउट प्लान में 20-25 फीसदी मकान ईडब्ल्यूएस/एलआईटी की व्यवस्था होनी चाहिए।
बिना प्रदूषण की इंडस्ट्री स्थापित की जाएं
पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाए।
लोगों के आने जाने के लिए मेट्रो समेत सड़क आदि की भी व्यवस्था की जाए।

ग्रेनो को मिल गई उड़ान की आजादी
प्लानिंग बोर्ड की बैठक का इंतजार
हजार करोड़ रुपये के करीब निवेश किया है बिल्डरों ने
हेक्टेयर जमीन पर छोटे-बड़े 70 बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं

ग्रेटर नोएडा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की वैधानिक कमेटी ने अपनी मोहर लगाकर नोएडा एक्सटेंशन की टेंशन कुछ कम कर दी है। अब प्लानिंग कमेटी की बोर्ड बैठक का इंतजार किया जा रहा है।


कमेटी ने प्राधिकरण के समक्ष जो शर्तें रखी हैं, उन्हें आसानी से पूरा किया जा सकता है। अब सबकी निगाहें बोर्ड बैठक पर टिक गई हैं। बताया जा रहा है कि इसके दो तरीके हो सकते हैं। पहला यह कि बोर्ड की बैठक हो और दूसरा यह कि वाई सर्कुलेशन के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। नोएडा एक्सटेंशन एनसीआर की सबसे व्यस्त जगह होगी। क्योंकि दो हजार हेक्टेयर जमीन पर छोटे बड़े 70 बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं। करीब 3.5 लाख फ्लैट बनने प्रस्तावित हैं और मौजूदा समय में करीब एक लाख फ्लैट बुक भी हो चुके हैं। बिल्डरों ने करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। प्राधिकरण ने सड़क समेत विभिन्न विकास कार्यों पर करीब दो हजार करोड़ रुपये लगाए हैं। माना जा रहा है कि काम बंद होने के बाद बिल्डरों को काफी नुकसान हो चुका है, जिसकी भरपाई फ्लैटों की कीमत बढ़ाकर की जाएगी। कोर्ट के स्टे से प्राधिकरण क्षेत्र के 30 हजार आवंटन प्रभावित हुए थे, क्योंकि मास्टर प्लान-2021 के तहत इतने ही आवंटन किए गए थे। इसमें जीबीयू, ओमीक्रान और नोएडा एक्सटेशन के आवंटन शामिल हैं।


कमेटी ने एक्सटेंशन को दी मेट्रो की सौगात
नोएडा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की कमेटी ने ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान-2021 को स्वीकृत करते हुए उसकी मंजूरी को बोर्ड के पास भेजकर एक्सटेंशन को मेट्रो की भी सौगात दे दी है। बोर्ड को भेजी गई सिफारिश में यह कहा गया कि नोएडा एक्सटेंशन को तैयार करने के साथ ही मेट्रो का विस्तार भी करना चाहिए। इसके अलावा एक्सप्रेसवे और अन्य संपर्क मार्गों पर भी प्राधिकरण को ध्यान देना होगा, जिससे ढाई लाख की आबादी के साथ-साथ ग्रामीणों को भी राहत मिल सके। अमर उजाला ने ग्रेनो में मेट्रो की अनिवार्यता बताते हुए अभियान भी चलाया था। बृहस्पतिवार को मास्टर प्लान स्वीकृति की अपनी शर्तों में मेट्रो की अनिवार्यता को शामिल कर लिया है। इस तरह के निर्णय से भी में खुशी है।


मंजूरी की खबर से अट गया फेसबुक
नोएडा। बृहस्पतिवार शाम 6:30 बजे नेफोमा के फेसबुक एकाउंट पर एक ब्रेकिंग न्यूज के नाम से अपडेट आई कि मास्टर प्लान को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन (नेफोमा) के फेसबुक पेज पर अगले पांच मिनट में हजारों लोगों ने उसे पसंद किया और कमेंट आए। घर पाने का सपना जैसे सच होता नजर आया। पेज से जुड़े यूजर्स ने एक दूसरे को बधाई संदेश भेजने शुरू कर दिए। खुशी का तूफान धीरे धीरे शांत होने लगा जब कुछ पोस्ट ऐसे मिले जिसमें बताया गया कि यह कमेटी की बोर्ड को कुछ शर्तों के साथ भेजी गई संस्तुति है। नेफोमा के पेज पर भी इस दूसरी खबर की पुष्टि हुई तो लोगों की खुशी कम हुई। लेकिन लोगों का इस बार कमेंट था कि घर मिलने का सपना अब पूरा होता दिखाई दे रहा है।


बिल्डर्स की प्रतिक्रिया
डॉ.अनिल शर्मा, सीएमडी, आम्रपाली ग्रुप। यह निर्णय निश्चित रूप से आशा की किरण लेकर आया है। कमेटी से हरी झंडी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि बोर्ड भी जल्द अपना आदेश सुना देगा।

आरके अरोड़ा, सीएमडी, सुपरटेक ग्रुप।एक साल से ज्यादा समय से अटके एक्सटेंशन का मामला अब जल्द सुलझ सकेगा। ग्रेटर नोएडा के विकास को नया आयाम मिल सकेगा और किसानों को भी हक मिल जाएगा।

मनोज गौर, एमडी, गौर सन्स।किसानों को काफी राहत मिलेगी।नोएडा एक्सटेंशन में अपना आशियाना बनाने वालों के लिए राहत भरी खबर है। कमेटी से हरी झंडी मिलने के बाद कम से कम एक कदम और आगे की ओर बढ़ा है, जो काफी अच्छा है।

-संजीव श्रीवास्तव,एमडी, एसोटेक। प्राधिकरण के पास बजट समाप्त हो चुका है, ऐसे में मुआवजे की मांग अटकी हुई है। एक्सटेंशन की राह खुलने से मुआवजा भी जल्द मिलेगा।
-अभिषेक कुमार, अध्यक्ष, नेफोमा। कमेटी से एक्सटेंशन को हरी झंडी मिलने पर सबसे पहले अखिलेश यादव और केंद्र सरकार को धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने खरीदारों की परेशानी को समझा और मामले पर निर्णय लिया।

इंद्रेश गुप्ता नोएडा एक्सटेंशन पर खरीदार और किसान दोनों परेशान रहे हैं। कमेटी ने अपना सकारात्मक रवैया अपनाकर लोगों के सपनों को सजाने में मदद की है। हमलोगों को निर्णय से खुशी है।

संदीप गुप्ता इ एक्सटेंशन की टेंशन को समाप्त करने में सबसे ज्यादा मशक्कत ग्रेनो सीईओ रमा रमण ने की है। हर कदम पर खरीदारों से लेकर किसानों से वार्ता करके उन्हें आश्वासन दिया। यह इसी का नतीजा है।

ग्रेसी इपन इ एनसीआर में अपने आशियाने के लिए पूरे जीवन की पूंजी लगा दी थी। कमेटी ने आज मंजूरी देकर राहत दी है। उम्मीद है बोर्ड भी सबके हित में निर्णय सुनाएगा। अब सभी को फाइनल निर्णय का इंतजार है।

नोएडा एक्सटेंशन
2007 में नोएडा एक्सटेंशन के गांवों का अधिग्रहण।
2009-10 में इसकी आवंटन प्रक्रिया शुरू की गई।
1.50 के करीब बनने हैं नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट।
6 लाख की आबादी आने वाले पांच साल में होगी।
2031 मास्टर प्लान में 25 लाख आबादी का अनुमान।
2010 से ग्रुप हाउसिंग कंपनियों ने लाॅंचिंग की।
2010 जुलाई से दिसंबर के बीच किसान कोर्ट पहुंचे।
15 अप्रैल 2011 को शाहबेरी गांव का अधिग्रहण रद।
156.093 हेक्टेयर जमीन वापस करने के आदेश।
6 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को सही बताया।
ग्रेटर नोएडा पर दस लाख का जुर्माना लगाया।
चार बिल्डर के प्रोजेक्ट पूरे व 3 आंशिक रूप से प्रभावित।
6000 से अधिक निवेशक शाहबेरी में हुए प्रभावित।
19 जुलाई को हाईकोर्ट ने पतवाड़ी गांव में 589 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद कर दिया।
धारा-चार व 17 के गलत इस्तेमाल का लगाया आरोप।
10 बिल्डर के 13 प्रोजेक्ट सीधे-सीधे हुए प्रभावित।
20,000 से ज्यादा खरीदार और निवेशक प्रभावित हुए।
इस दो माह की अवधि के दौरान ही नोएडा एक्सटेंशन सहित ग्रेटर नोएडा व नोएडा के करीब 64 गांवों के लोगाें ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
7 अगस्त 2011 को हाईकोर्ट कासमझौते के लिए निर्देश।
12 सितंबर तक 1280 किसानों को नई दर से मुआवजा दिया गया और इसके शपथ पत्र कोर्ट में जमा हुए।
अगले दिन से कोर्ट में लगातार सुनवाई शुरू हुई।
2011 सितंबर महीने के अंत में सुनवाई पूरी हुई और फैसला सुरक्षित किया गया।
21 अक्तूबर 2011 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के तीन गांवों का अधिग्रहण रद कर दिया, जबकि 60 गांव के किसानों को 64 प्रतिशत बढ़ी हुई दर से मुआवजा और दस फीसदी विकसित जमीन देने का आदेश जारी किया।
21 अक्तूबर-2011 को होईकोर्ट ने निर्देश जारी किया कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान-2021 का अध्ययन करके मंजूरी दें, तब तक निर्माण कार्य पर रोक रहेगी।
24 दिसंबर-2011 को उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से प्लानिंग बोर्ड से मामले को मार्च तक टाल दिया।
मई 2012 के पहले सप्ताह में कमलनाथ ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की रूटीन कमेटी को ग्रेनो मास्टर प्लान-2021 पर निर्णय लेने का अधिकार दिया।
28 जून 2012 को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की गठित कमेटी ने सभी बिंदुओं पर मंत्रणा करते हुए कुछ शर्तोें के साथ उसकी स्वीकृति के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भेज दिया है।

 

ग्रेनो के आवंटियों पर नहीं लगेगी कोई प ==>     ग्रेनो के आवंटियों पर नहीं लगेगी कोई प... (2012-07-03)

ग्रेटर नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन और ग्रेटर नोएडा में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद काम रुकने पर किस्तें रोकने वाले आवंटियों के लिए खुशखबरी है। उनसे ग्रेनो प्राधिकरण किसी तरह की पेनाल्टी वसूल नहीं करेगा। सोमवार को प्राधिकरण में अधीनस्थों की बैठक के दौरान सीईओ रमारमन ने कहा कि कोर्ट के स्टे के चलते आवंटी डिफॉल्टर नहीं घोषित होंगे। उनका बीच का समय जीरो पीरियड माना जाएगा। इसकी बोर्ड से अनुमति भी ली जाएगी। फिलहाल 30 हजार आवंटी काम शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से काफी आवंटियों ने पिछले नौ माह से किस्तें भी रोक रखी हैं।


मास्टर प्लान पास होने तक जीरो पीरियड ग्रेटर नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन और ग्रेटर नोएडा के आवंटियों के लिए मास्टर प्लान पास होने तक के समय को जीरो पीरियड मान लिया जाएगा। इस समय के लिए ग्रेनो प्राधिकरण उनसे किसी तरह की पेनाल्टी वसूल नहीं करेगा।


सीईओ रमारमन ने बताया कि कोर्ट के स्टे के चलते आवंटी डिफाल्टर नहीं घोषित होंगे। इसकी बोर्ड से अनुमति भी ली जाएगी। फिलहाल 30 हजार आवंटी काम शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से काफी ने पिछले नौ माह से किस्तें भी रोक रखी हैं। सीईओ ने बैठक में कहा कि सभी विभागों के कार्य अपडेट हो जाने चाहिएं। टेंडर तैयार कर लें। जैसे ही मास्टर प्लान पास होता है, बिना देरी विकास कार्य चालू हो जाने चाहिएं।


साथ ही प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2021 के तहत आने वाले आवंटियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि समय रहते एकमुश्त पैसा प्राधिकरण को मिल सके। माना जा रहा है कि बिल्डर, आवासीय, संस्थागत, कमर्शियल के आवंटियों से करीब 10 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। इन सभी की सूची तैयार की जा रही है। आमदनी बढ़ाने के लिए शीघ्र ही सेक्टरों में बचे कमर्शियल प्लाटों की स्कीम आएगी। इसके अलावा, सेक्टरों में बने ऐसे मकान भी हैं, जो किन्हीं कारण से आवंटित नहीं हो सके थे। उनके लिए भी योजना लाने की तैयारी है।


कमर्शियल प्लाटों और तैयार मकानों की स्कीम आएगी

 

Property prices to rise for new bookings as Panel clears Greater Noida plan ! ==>     Property prices to rise for new bookings as Panel clears Greater Noida plan !... (2012-07-03)

GREATER NOIDA: With the planning committee of the NCR Planning Board giving a nod to the Greater Noida Master Plan 2021, all stakeholders in Noida Extension feel that a giant burden has been lifted off their shoulders. For the first time in over a year, the one lakh homebuyers, Greater Noida Authority, farmers and developers are thinking on the same lines - redressal of grievances at the earliest.

However, along with the good news, there's also a bad one. Developers say that while old buyers will remain unaffected, new ones will have to shell out almost double the rates as property prices have shot up as compared to last year.

Greater Noida Authority CEO, Rama Raman, said that his first priority will be addressing the grievances of all farmers whose lands have been acquired.

The most elated are members of the Noida Extension Flat Owners and Members Association who have been fighting for their right ever since the land row started. "We will meet Authority officials next week to discuss farmers' grievances since we had joined hands with them to fight this battle," said Abhishek Kumar of the buyers' body.

However, farmers are still an apprehensive lot. "The issue is a multi-layered one. Land in eight of the 11 villages in the area has been denotified by the court. Cases in more than 40 villages are currently pending in court. So how can the Master Plan be passed without first addressing these matters?" asked farmer leader Dushyant Nagar, a member of Kisan Sangharsh Samiti. Farmers of 11 villages will convene a mahapanchayat on July 1 to decide their next course of action.

Apart from buyers, this move comes as a major relief to developers whose investments have been tied in the projects without any earnings. Supertech chairman and managing director, RK Arora, said, "We hope to resume construction by July end." Developers have also started sharing this news with homebuyers. "This win would not have been possible without the patience of homebuyers who supported us throughout the land row," said Mohit Arora, director, Supertech.

While director of Gaursons, Manoj Gaur, said that this is a vital win in favour of buyers and the realty industry, Amrapali Group CMD, Anil Gupta hoped to hand over flats to buyers within a new timeframe. "This decision will improve the image of Greater Noida and Noida Extension. The land row had brought a negative impact in the region," said Orris infrastructures managing director, Amit Gupta.

 

Greater Noida panel clears hurdle, home buyers rej ==>     Greater Noida panel clears hurdle, home buyers rej... (2012-06-29)

Eight months after the Allahabad High Court directed the Greater Noida Authority to stop all construction activities until the National Capital Region Planning Board (NCRPB) cleared the Greater Noida Master Plan 2021, the first hurdle in the approval process was crossed on Thursday, with a technical sub-committee giving its clearance.

The plan will now be forwarded for a final clearance to the NCRPB, which is expected to approve the Master Plan in the next few months, officials said.

For nearly 20,000 homebuyers, who have invested in upcoming projects in Greater Noida, the move is significant as there are now signs that construction could resume soon.

Devender Kumar, president of the Noida Extension Flat Owners’ and Members Association that has been pushing for clearances, said: “From what we understand, now that the technical committee has given its clearance and forwarded it to the 21-member Planning Board, the rest is merely a formality. Hopefully, if construction starts in the next few months, we will get possession of our flats next year.”

Officials of the Greater Noida Authority described the move as “positive” and said they would meet NCRPB officials to finalise their next course of action. “The final clearance by the Board will now come within two months. After that, the area can once again become a place that attracts homebuyers,” a senior official said.

The clearance from the technical committee, set up by the Board, has also provided hope to the builders of the 25 housing projects in the area, who have been incurring huge losses.

A representative of Amrapali Group, which has several projects in Greater Noida, said: “This move is a huge relief for us. Hopefully the final clearance will now be fast-tracked and construction can resume. Several homebuyers who earlier had expressed interest, have now turned away from the area. We are already sharing the Rs 4,000-crore financial burden that has been split between builders and the Greater Noida Authority after the court hiked compensation to farmers by 64 per cent among other financial burdens.”

The representative said if the final clearance comes quickly, the company would be able to speed up construction and will be able to recover some of the additional costs.

Farmers of the 11 villages, whose land has been acquired, were not pleased with the development.

“We are not satisfied with the increased compensation and developed plots because we did not get fair value for our plots. We have approached the Supreme Court. If clearance is given and construction starts, the chance that we will get our land back goes down,” Surendra Yadav of Patwari village said.

Dipankar Ghose : Noida, Fri Jun 29 2012, 01:26 hrs

 

Decks cleared for Noida Extension, likely to becom ==>     Decks cleared for Noida Extension, likely to becom... (2012-06-29)

 

Realtors, buyers happy, farmers say fight not over ==>     Realtors, buyers happy, farmers say fight not over... (2012-06-29)

While buyers and builders welcomed the “positive step” towards resumption of stuck housing projects in Noida Extension, farmers looked disappointed and said they would keep fighting to get their land back and oppose any approval to the master plan. A statutory committee of the NCR 

Thursday cleared Greater Noida's master plan and sent it to the board for consideration. Clearance of the plan will revive stuck housing projects in Noida Extension.

Abhishek Kumar, president of a buyers’ group, said, “We have been fighting for the approval. It’s a welcome move. Let’s hope the nod comes soon and the ordeal ends.” Buyers have been paying rentals and bank EMIs without any construction taking place for the last eight months.

Real estate companies have echoed the similar views. Anil Sharma of Amrapali Group said, “We hope to start construction very soon. The approval will also help farmers. As projects are stuck and there are no fresh bookings, builders cannot fund the authority thousands of crores of rupeesed for hiked cash relief to farmers as ordered by the court.”

RK Arora of realty firm Supertech said, “We can finally sense the Noida Extension impasse will lift. Homebuyers will get their dream houses. Farmers will also get their due. Since all construction activities are halted, farmland cannot be developed by putting in place facilities such as roads, sewer lines, drinking water and power supply. This has halted allotment of share of developed land to farmers as ordered by the court.”

However, farmers have expressed displeasure over the development. Manvir Bhati, spokesperson of Kisan Sangharsh Samiti (KSS), an umbrella body of farmers, said, “We don’t want hiked cash. Nor do we want share in developed land. We have already moved the Supreme Court seeking our land back. So we’re not bothered about the master plan’s approval. Land acquired forcibly for industrial development cannot be used for realty projects.”

 Darpan Singh, Hindustan Times
Noida, June 29, 2012

 

Panel clears Greater Noida plan, projects may rest ==>     Panel clears Greater Noida plan, projects may rest... (2012-06-29)

NEW DELHI: In a big step towards resumption of work in the stalled housing projects of Noida 'Extension', a statutory committee of the NCR Planning Board (NCRPB) on Thursday approved the revised draft Master Plan-2021 forGreater Noida and recommended it to the board. 

In October 2011, the Allahabad high court had stopped construction in the area saying the Master Plan had not been approved by the board. 

Government sources said the NCRPB, headed by Union urban development minister Kamal Nath, is now expected to meet within a fortnight to look at the Master Plan. Once the board approves it, work can resume in the housing projects of Greater Noida, particularly in the area popularly known as Noida Extension. 

"Though the board can make some suggestions when the plan is put before the members, the draft plan is likely to be cleared. The statutory committee is satisfied with the changes incorporated by the Greater Noida Authority," a source added. 

The draft development plan for Greater Noida-2021 has included provisions for water supply, sewerage, drainage, power and solid waste management, as per norms. 

"We have a complete and all-inclusive development plan before us. The authority has identified sites for solid waste management and has also earmarked them in the plan. It will not make any changes in future. All environmental issues have been addressed in the revised plan," said an official. 

The revised plan has also incorporated a provision of keeping 16% of the urbanizable area as a green belt. 

"The planning committee wanted to ascertain whether the revised draft Master Plan is in conformity with our regional Plan 2021, as directed by the high court. After some changes were made, we are recommending the draft plan to the board for approval," a senior NCRPB official said. 

"We found that development in Greater Noida is better planned than other cities in NCR like Gurgaon and Faridabad. The existing green belt would be conserved by the authority and we have kept stringent conditions that there will be no conversion or shifting of the green belt by the authority," said an official who attended the meeting. 

Green belts have been massively encroached upon across the country by urban development authorities. Most authorities taking advantage of provisions allowing compensatory forestation in other areas, which has no positive impact on the affected region. No such provision exists in the Greater Noida plan 2021. 

As per the plan, the authority will allow industries using only non-polluting clean technology in this region. Environmental management plan being prepared by the authority will be an integral part of the Master Plan. 

The authority has also increased the housing quota for economically weaker sections (EWS) and low income groups from earlier 5% to 20-25%. This will be adhered to while preparing sector layout plans. 

A go-head to the plan will not only bring huge relief to home buyers, it would also put construction work back on track in the region. This will also have a huge impact on economic activities, besides employment generation. 

TOI

 

Key panel clears way for home buyers in Noida Exte ==>     Key panel clears way for home buyers in Noida Exte... (2012-06-29)

New Delhi: There is a positive news for thousands of home buyers in 'Noida Extension' after a key panel Thursday approved the Draft Master Plan for Greater Noida 2021.

The statutory committee approved the master plan, which, however, needs to be further considered by the National Capital Region Planning (NCRPB) Board.

The Allahabad High Court in October 2011 had ordered for mandatory approval from the NCRPB for the projects.

"The draft master plan was presented before the planning committee and it is in conformity with the Regional Master Planning Board 2021," said an official.

In 2007, the Greater Noida Authority had acquired 3,000 hectares of land for industrial use. Later it carved 2,500 hectares out it for 'Noida Extension', a residential area.

This led to farmers from around 40 villages approaching the courts for better compensation for their land.

"The meeting was held Thursday attended by principal secretaries of Haryana, Rajasthan, Uttar Pradesh, Delhi and member secretaries of NCRB," the official said.

The Greater Noida Authority has also incorporated suggestions made by the board.

"There were certain conditions pointed by the NCRB, which have been incorporated in the draft plan like 16 per cent green areas of the total project area and 20 per cent flats for EWS (Economic Weaker Section)," said the official.

The board meeting will be attended by the chief ministers of Rajasthan, Uttar Pradesh, Haryana and Delhi along with Urban Development Minister Kamal Nath.

IANS

 

NEFOMA-Noida Extension Flat Owners & Members Association